भाजपा विधायक के बेटे पर अस्पताल संचालक को पीटने का आरोप

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आरोपी पक्ष ने घटना से किया इंकार, पुलिस जांच में जुटी

मुरादाबाद। जिले में एक और सनसनीखेज मामला सामने आया है, यहां सत्तापक्ष विधायक के बेटे पर एक अस्पताल संचालक ने मारपीट करने का गंभीर आरोप लगा है। घटना पाकबड़ा थाना क्षेत्र के एक निजी होटल और हाईवे पर घटित बताई जा रही है। कुंदरकी से भाजपा विधायक ठाकुर रामवीर सिंह के बेटे विक्की और उनके साथियों पर संचालक लक्ष्मण ने मारपीट कर जान से मारने का आरोप लगाया है साथ ही पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं।

मामला समाथल रोड स्थित आयुष्मान अस्पताल की सील खुलवाने से जुड़ा बताया जा रहा है। अस्पताल संचालक लक्ष्मण का कहना है कि कुछ समय पहले स्वास्थ्य विभाग ने उनके अस्पताल को सील कर दिया था। इसी बीच विधायक के बेटे विक्की ने उन्हें फोन कर पाकबड़ा थाना क्षेत्र के हाईवे स्थित अतिथि होटल में बुलाया। पीड़ित का कहना है कि उन्हें ये कहा गया कि होटल में स्वास्थ्य विभाग के एक बड़े अधिकारी मौजूद हैं, जो उनके अस्पताल की सील खुलवाने में मदद कर सकते हैं।

अस्पताल संचालक का आरोप है कि जब वह होटल पहुंचा तो वहां कोई अधिकारी नहीं था, बल्कि विधायक का बेटा विक्की और उसके कुछ साथी मौजूद थे। जिन्होंने देखते ही अस्पताल संचालक के साथ गाली-गलौज की गई और फिर मारपीट शुरू कर दी गई। इस हमले में लक्ष्मण घायल हो गया, जिन्हें इलाज के लिए मुरादाबाद के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

वहीं दूसरी ओर विधायक के बेटे विक्की ने इन सभी आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है। उनका कहना है कि न तो उन्होंने किसी को होटल में बुलाया और न ही किसी प्रकार की मारपीट की घटना को अंजाम है। उनके अनुसार यह उनके और उनके परिवार की छवि को खराब करने की साजिश है।

फिलहाल मुरादाबाद पुलिस ने इस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस होटल के सीसीटीवी फुटेज और चश्मदीदों के बयान के आधार पर पूरे मामले की जांच कर रही है। जांच के बाद ही घटना की सच्चाई सामने आ सकेगी।

बताते चलें कि ये अस्पताल संचालक कुंदरकी विधायक ठाकुर रामवीर सिंह का खुद को करीबी बताकर दबंगई दिखाता था। विधायक पुत्र ने पाकबड़ा स्थित आयुष्मन अस्पताल का फीता काट कर उद्घाटन भी किया था। स्वास्थ्य विभाग के द्वारा इस अस्पताल को बिना पंजीकृत मिलने पर सील कर थाने में रिपोर्ट दर्ज भी कराई गई थीं। लेकिन आज तक पुलिस इस मुकदमें में कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर सकी है।

Jarees malik

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