///

मुरादाबाद के पीपल साना में तोड़ी गई बंद अस्पताल की सील, बच्चों की जिंदगी से फिर खिलवाड़ शुरू

13 mins read

▶️पीपलसाना में बच्चों के अस्पताल का फैला मकड़जाल झोलाछाप डॉक्टर कर रहें इलाज

▶️डीएम साहब! बिना रजिस्ट्रेशन, बिना डिग्री के कुकुरमुत्तों की तर्ज पर खुले अस्पताल -क्लीनिक
▶️बच्चों की जान दांव पर! बिना रजिस्ट्रेशन चल रहा ‘मीरब चाइल्ड केयर’, स्वास्थ्य विभाग मौन
▶️सील अस्पताल फिर खुला! नाम बदला, खेल वही—पीपलसाना में खुलेआम स्वास्थ्य विभाग को दिखाया जा रहा ठेंगा
▶️कौन दे रहा संरक्षण? झोलाछाप डॉक्टर बना बाल रोग विशेषज्ञ, मासूमों की जिंदगी खतरे में
▶️स्वास्थ्य विभाग की नाक के नीचे फर्जी बाल अस्पताल, कब जागेगा प्रशासन?
▶️चंद रुपयों के लिए मासूमों की जिंदगी से खिलवाड़! पीपलसाना में अवैध चाइल्ड अस्पताल का गोरखधंधा

मुरादाबाद। भोजपुर क्षेत्र के पीपलसाना गांव में बच्चों की जिंदगी से खुलेआम खिलवाड़ किया जा रहा है और स्वास्थ्य विभाग आंखें मूंदे बैठा है। यहां बिना किसी वैध पंजीकरण के एक तथाकथित बाल अस्पताल धड़ल्ले से संचालित हो रहा है, जहां झोलाछाप डॉक्टर खुद को बाल रोग विशेषज्ञ बताकर मासूम बच्चों का इलाज कर रहा है।


पीपलसाना गांव के सुपर गार्डन रोड पर चल रहे “मीरब चाइल्ड हेल्थ केयर” नामक इस अस्पताल का संचालन जाबिर हुसैन नामक व्यक्ति द्वारा किए जाने का आरोप है। बताया जा रहा है कि उसके पास न तो कोई मान्यता प्राप्त मेडिकल डिग्री है और न ही अस्पताल संचालन का कोई वैध रजिस्ट्रेशन। इसके बावजूद बच्चों को भर्ती करने तक की सुविधा दी जा रही है, जो नियमों की खुली धज्जियां उड़ाने जैसा है।


चौंकाने वाली बात यह है कि इससे पहले इसी जगह एक अन्य नाम से अस्पताल संचालित हो रहा था, जिसे स्वास्थ्य विभाग ने बिना रजिस्ट्रेशन पाए जाने पर सील किया था। आरोप है कि विभागीय मिलीभगत के चलते पहले सरकारी सील तोड़ी गई और फिर नाम बदलकर दोबारा अस्पताल खोल दिया गया। हैरानी की बात यह है कि विभागीय रिकॉर्ड में आज भी यह अस्पताल सील बताया जा रहा है।


स्थानीय लोगों का कहना है कि चंद रुपयों की खातिर मासूम बच्चों की जान को दांव पर लगाया जा रहा है, लेकिन न तो स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची और न ही अब तक कोई ठोस कार्रवाई हुई।

अब निगाहें जिलाधिकारी पर टिकी हैं। जनता मांग कर रही है कि तत्काल जांच कर झोलाछाप डॉक्टर और इस अवैध अस्पताल पर सख्त कार्रवाई हो, ताकि भविष्य में किसी मासूम की जान से खिलवाड़ न हो।

Jarees malik

Sarkar Ki Kahani
M: 9997411800, 9719616444

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Latest from Blog

बिजनौर में झोलाछाप डॉक्टरों की लापरवाही से मरीज की जान जाने पर भी खुले रहते हैं झोलाछापों के दरवाजें

स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर लगता है प्रश्न चिन्ह मुस्तकीम राजपूत (संवाददाता) बिजनौर में इन दिनों