U.P: उन्नाव में नाला खुदाई के वक्त मिट्टी धंसी, दो मजदूरों की दर्दनाक मौत

15 mins read

एक श्रमिक की हालत गंभीर, जिला अस्पताल रेफर

यूपी के उन्नाव-रायबरेली राजमार्ग पर सिकंदरपुर कर्ण अंडरपास के नजदीग नाला निर्माण के लिए खोदी गई मिट्टी का ढेर अचानक फैट कर फैल जाने से तीन श्रमिक 12 फिर गहरे नाले के अंदर दब गए। आनन-फानन तीनों को निकाल कर अस्पताल पहुंचाया गया जहां दो को मृत घोषित कर दिया गया। एक को गंभीर हालत में जिला अस्पताल रेफर किया गया है।

उन्नाव-रायबरेली हाईवे पर सिकंदरपुर कर्ण के अंडर पास और सर्विस रोड के किनारे जल निकासी के लिए भूमिगत पाइप लाइन डाली जा रही है। बड़े पाइप डालने के लिए रविवार देर शाम 6:30 बजे जेसीबी से नाले की खुदाई की गई थी। इसके मिट्टी हटाने और ह्यूम पाइप डालने के काम में पीएनसी के ठेकेदार ने कई श्रमिक लगाए थे। नाले की सफाई के दौरान ही जेसीबी से खोदकर एकत्र किया गया मिट्टी का बड़ा ढेर अचानक फट गया। 

इससे नाले के अंदर काम कर रहे श्रमिकों में बहराईच जिले के थाना बदोसरांय के गांव केंतूर निवासी अवधराम वर्मा (40) पुत्र ब्रम्हा, बाराबंकी जिले के रामनगर कटियारा निवासी शिवकुमार (50) पुत्र रामनारायण चौहान और रायबरेली जिले के थाना गदागंज के तुलई लोध का पुरवा निवासी गणेश (35) पुत्र हरिश्चंद्र लोध मिट्टी में दब गए। साथी श्रमिकों ने आनन-फानन मिट्टी हटाना शुरू किया और तीनों को बाहर निकाला। इसी बीच पीएनसी से सहायक सुपरवाइजर राजेश निषाद और सुजीत कुमार भी पहुंचे और एंबुलेंस से तीनों को बीघापुर के सौ शैय्या अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टर ने अवधराम और शिवकुमार को मृत घोषित कर दिया जबकि गणेश को गंभीर हालत में जिला अस्पताल रेफर कर दिया।

सहायक सुपरवाइजर राजेश निषाद ने बताया कि यह तीनों श्रमिक रायबरेली के ठेकेदार अतुल सिंह की देखरेख में साल 2020 से काम कर रहे थे। परिजनों को सूचना दी गई है। थानाध्यक्ष राजकुमार ने बताया कि मिट्टी का ढेर अचानक गिरने से तीनों श्रमिक दबे हैं। दो की मौत हुई है। एक को जिला अस्पताल रेफर किया गया है। दोनों शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।

घटनास्थल लगी भीड़, पुलिस ने हटवाया
पीएनसी की ओर से कराए जा रहे नाला निर्माण के दौरान श्रमिकों के दबने की की घटना के बाद कस्बे के लोगों के साथ ही, राहगीरों की भीड़ लग गई। इससे हाईवे का यातायात प्रभावित होने लगा। पुलिस ने आनन-फानन सभी को वहां से हटाना शुरू किया। एंबुलेंस से तीनों श्रमिकों को अस्पताल भेजने के बाद भीड़ हटी। इस दौरान करीब एक घंटे तक अफरा-तफरी का माहौल रहा।

श्रमिक आश्रितों को हर संभव मदद, प्रोजेक्ट मैनेजर
पीएनसी के प्रोजेक्ट मैनेजर अशोक कुमार तिवारी ने बताया कि श्रमिकों का पीएनसी और ठेकेदार की तरफ से भी बीमा कराया जाता है। बताया कि सभी के परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है। आश्रितों की हर संभव मदद दी जाएगी।

Jarees malik

Sarkar Ki Kahani
M: 9997411800, 9719616444

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Latest from Blog

बिजनौर में झोलाछाप डॉक्टरों की लापरवाही से मरीज की जान जाने पर भी खुले रहते हैं झोलाछापों के दरवाजें

स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर लगता है प्रश्न चिन्ह मुस्तकीम राजपूत (संवाददाता) बिजनौर में इन दिनों