खुफिया एजेंसियों और एसटीएफ की संयुक्त कार्रवाई, कारतूस तस्कर पर शिकंजा
अंतरराज्यीय स्तर पर कारतूस की तस्करी करने वाले गिरोह के सदस्य एवं 25 हजार के इनामिया अंकित पांडेय को एसटीएफ ने बुधवार को रेलवे स्टेशन परिसर से गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से एक मोबाइल फोन, 250 रुपये मिले हैं। पिछले दिनों ट्रेन से छपरा कारतूस ले जाते समय युवती को रेलवे स्टेशन पर गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद से केंद्रीय व राज्य की खुफिया एंजेसियों ने जांच तेज की। एसटीएफ फील्ड इकाई वाराणसी के निरीक्षक अनिल सिंह ने जांच कर सूचनाएं जुटाईं। विश्वस्त सूत्र के माध्यम से जीआरपी बलिया में कारतूस तस्करी के दर्ज मुकदमे में वांछित 25 हजार के इनामी कारतूस तस्कर अंकित पांडेय निवासी बाराचवर, थाना करीमुद्दीनपुर को स्टेशन परिसर से गिरफ्तार किया।

पूछताछ में अंकित ने बताया कि गांव नसीरपुर कटरिया के रहने वाले रोशन यादव के साथ वह पढ़ाई करता था। दोनों अच्छे दोस्त थे। इसी दौरान इन दोनों की दोस्ती मिर्जापुर की रहने वाली एक लड़की से हो गई। दोनों की पहचान कारतूस की तस्करी करने वाले जौनपुर के शुभम सिंह से हो गई। शुभम ही इन दोनों को कारतूस लाकर जौनपुर के शाहगंज में देता था। यह दोनों कारतूस को बिहार के अपराधियों को पहुंचाते थे। अंकित 15 से 13 अक्तूबर के बीच दो बार में 750 कारतूस बिहार पहुंचा चुका है। 23 अक्तूबर को अंकित पांडेय, रोशन सिंह एवं युवती कारतूस लेकर बिहार के अपराधियों को बेचने जा रहे थे। वे भी ट्रेन थे। युवती को दोनों ने दूसरी बोगी में बैठाया था। अंकित व रोशन पीछे की बोगी में बैठे थे। जीआरपी ने चेकिंग के दौरान युवती को कारतूस संग गिरफ्तार कर लिया, लेकिन यह दोनों फरार हो गए।
