189 मुकदमे दर्ज, 32 ठग गिरफ्तार; फिर भी सिर्फ 2.83 करोड़ की रकम ही वापस
साइबर ठगों ने डिजिटल अरेस्ट, निवेश सहित अन्य तरीकों से झांसा देकर साल 2024 में 2565 लोगों से धोखाधड़ी की। इनसे 26.28 करोड़ रुपये ठग लिए। 189 मुकदमे भी दर्ज कराए गए। 32 ठगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। मगर, कमिश्नरेट पुलिस लोगों से धोखाधड़ी कर ली गई ज्यादातर रकम वापस नहीं करा पाई। सिर्फ 2.83 करोड़ रुपये ही लोगों को वापस मिल सके। पीड़ित लोग अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं।

वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क है बड़ी परेशानी
एसीपी डाॅ. सुकन्या शर्मा ने बताया कि साइबर अपराधी झारखंड, पश्चिम बंगाल, दिल्ली एनसीआर सहित अन्य राज्यों में बैठे होते हैं। नेटवर्क भी वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क (वीपीएन) होने के कारण उन्हें पकड़ना आसान नहीं होता है। 50 फीसदी मामलों में साइबर अपराधियों की लोकेशन नहीं मिल पाती है। ठगी में इस्तेमाल मोबाइल नंबर और बैंक खाते भी फर्जी आईडी पर लिए गए होते हैं।
केस : 1 : पूर्व फेमिना मिस इंडिया वेस्ट बंगाल बनी शिकार
दिसंबर 2024 में पूर्व फेमिना मिस इंडिया वेस्ट बंगाल शिवांकिता दीक्षित को साइबर अपराधियों ने डिजिटल अरेस्ट किया था। उनसे 99 हजार रुपये ठग लिए थे। खुद को सीबीआई अधिकारी बताने वाले साइबर अपराधी ने मनी लांड्रिंग और बच्चों की फिराैती की रकम खाते में भेजे जाने का भय दिखाकर जेल भेजने की धमकी दी थी।

केस : 2 : धमकी से दहशत में आई शिक्षिका की गई जान
सितंबर 2024 में जगदीशपुरा क्षेत्र की रहने वाली शिक्षिका मालती वर्मा को साइबर अपराधियों ने डिजिटल अरेस्ट किया था। उन्हें काल करके खुद को निरीक्षक बताया गया। कहा था कि बेटी रैकेट में फंस गई है। उसे गिरफ्तार करने की बात बताकर रुपयों की मांग की गई थी। मालती वर्मा दहशत में आ गई थीं। वह घर आई तो हालत बिगड़ गई। उनकी माैत हो गई।
केस : 3 : क्रिप्टोकरेंसी में निवेश के नाम पर 6.22 लाख ठगे
मई 2024 में शाहगंज की भगवान काॅलोनी निवासी अनिल तिवारी की बहू को टेलीग्राम ग्रुप से जोड़ा गया। वीडियो लाइक और शेयर करने पर कमाई का लालच दिया गया। वह झांसे में आ गईं। बाद में क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करने पर ज्यादा मुनाफे की बात कही गई। उनसे 6.22 लाख रुपये ले लिए गए। इसके बाद ग्रुप बंद कर दिया गया।
सोशल मीडिया पर युवतियों को किया परेशान
पुलिस के पास ऐसे मामले भी पहुंचे, जिनमें युवतियों और महिलाओं को सोशल मीडिया के माध्यम से परेशान किया गया। इनमें वो मामले भी शामिल थे, जिनमें सोशल मीडिया पर लगी डीपी को कापी करने के बाद फेसबुक पर फर्जी आईडी बनाकर लोगों से रकम मांगी गई। ऐसे तकरीबन 396 प्रकरण में पुलिस ने शिकायत मिलने पर पोस्ट भी हटवाई।
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इन बातों का रखेंगे ध्यान तो बच जाएगी रकम
अनजान नंबर से कॉल या वीडियो कॉल कर कोई भी व्यक्ति पुलिस वर्दी पहनकर या अन्य तरीकों से आपको फंसाने का प्रयास करे और कहे कि किसी को नहीं बताना है तो सबसे पहले फोन को कट करें और अपने परिवार व पुलिस को सूचना दें।
– किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करें एवं अपनी बैंक डिटेल्स व ओटीपी किसी को साझा नहीं करें।
– अपनी व्यक्तिगत जानकारी अथवा कोई दस्तावेज अथवा अपना पहचानपत्र आदि किसी को भी शेयर नहीं करें।
करें 1930 पर शिकायत
डीसीपी सिटी सूरज राय ने बताया कि प्रत्येक थानों में साइबर हेल्पडेस्क हैं। साइबर क्राइम सेल व साइबर क्राइम थाना स्थापित हैं। इनमें शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। टोल फ्री नंबर 1930 पर घर बैठे काल कर सकते हैं। https://cybercrime.gov.in पर जाकर अपनी शिकायत दर्ज करें।
ये है आंकड़ा
189 मुकदमे दर्ज हुए
26.88 करोड़ ठगे
2.83 करोड़ वापस
6.91 करोड़ फ्रीज
32 आरोपी गिरफ्तार
40 केस में आरोपपत्र लगे
10 केस में अंतिम रिपोर्ट
190 की विवेचना चल रही
2265 शिकायत दर्ज की गईं
2228 की जांच कराई गई