गला घोंटकर की गई थी हत्या, लेकिन पुलिस ने न दर्ज किया मुकदमा, न की जांच
मैनपुरी के थाना करहल क्षेत्र के गांव निनौली निवासी 30 साल की जसोदा देवी की हत्या की घटना पर पड़ा अब उठ कर रहेगा। स्थानीय पुलिस हत्या के इस मामले को साठ गांठ कर दबा चुकी थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का संज्ञान लेकर पुलिस अधीक्षक गणेश प्रसाद साहा ने हत्या का मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही पुलिस की भूमिका की जांच के लिए एसपी ग्रामीण को जांच सौंपी है। जसोदा की गला घोंट कर हत्या की गई थी, लेकिन पुलिस ने न तो मुकदमा दर्ज किया न हीं कोई जांच की।

कस्बा करहल के गांव निनौली निवासी राहुल कश्यप की शादी आठ वर्ष पूर्व जनपद फर्रुखाबाद के गांव सादिकपुर निवासी जशोदा (30) के साथ हुई थी। 20 दिसंबर 2024 जसोदा की संदिग्ध परिस्थिति में मौत की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा था। ससुराल पक्ष के लोग फंदा लगाकर खुदकुशी की बात कह रहे थे। लेकिन जब पोस्टमार्टम हुआ तो मौत की वजह गला घोंट कर हत्या किए जाना सामने आई। यही से स्थानीय पुलिस ने हत्या की इस घटना को दबाना शुरू कर दिया। प्रभारी निरीक्षक ललित भाटी भी इस मामले में लगातार समझौते की बात कहते हुए मुकदमा दर्ज करने से बचते रहे। इस तरह से जसोदा की हत्या का राज दफन होकर रह गया था।

पुलिस अधीक्षक गणेश प्रसादा साहा ने बुधवार को जब इस मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट का संज्ञान लिया तो पाया कि पुलिस को इस मामले में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई करनी चाहिए थी। लेकिन ऐसा क्यों नहीं किया गया, यह जांच का विषय है। आखिर गला घोंट कर हत्या किए जाने का चिकित्सकीय प्रमाण होने के बाद भी पुलिस इस मामले में कार्रवाई करने की बजाय पुलिस चुप्पी क्यों साधे रही। एसपी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस की भूमिका की जांच के लिए एसपी ग्रामीण अनिल कुमार सिंह को जांच सौंपी है। इसके साथ ही जसोदा की हत्या का मुकदमा दर्ज किए जाने को लेकर आदेश दिए हैं। अधिकारी की ओर से की गई इस कार्रवाई से अब लगने लगा है कि मृतका जसोदा को न्याय मिलेगा और उसकी हत्या करने वाले जल्द ही सलाखों के पीछे होंगे।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट दे रही हत्या का प्रमाण
फोरेंसिक एक्सपर्ट अधिवक्ता विशाल दुबे का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट सीधे तौर पर महिला की गला घोंट कर हत्या किए जाने की बात कह रही है। रिपोर्ट में हाइड बोन फ्रैक्चर है, इसके साथ ही चिकित्सक की ओर से गला घोंटने का भी जिक्र किया गया है। इस रिपोर्ट के आधार पर हम कह सकते हैं कि महिला की मौत सामान्य नहीं बल्कि सीधे पर उसकी हत्या की गई है।विशाल दुबे का कहना है कि खुदकुशी करने वाले किसी भी व्यक्ति की आंखे हमेशा सामान्य रहती हैं। जबकि महिला की आंखो में लालपन रेडनेस है। जो कि स्पष्ट करता है कि उसका गला घोंटा गया, जिस वजह से मस्तिष्क में ऑक्सीजन की सप्लाई रुकने की वजह से अक्सर ऐसी स्थिति बनती है। खुदकुशी की घटनाओं में ऐसा नहीं होता। पलिस अधीक्षक मैनपुरी गणेश प्रसाद साहा ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट हत्या की बात कहती है। मुकदमा दर्ज किया जाएगा, साथ ही जिसने भी घटना को अंजाम दिया है वह सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। मुकदमा क्यों दर्ज नहीं हुआ, इसको लेकर एसपी ग्रामीण को जांच सौंपी गई है।