बाइक दुर्घटना में बड़ा हादसा, पुल से गिरकर किशोर की दर्दनाक मौत

14 mins read

बिना हेलमेट तेज रफ्तार बाइक चलाना पड़ा भारी, साथी बाल-बाल बचा

हार्टमैन पुल पर तेज रफ्तार बाइक से नाबालिग किशोर नियंत्रण खो बैठा तो बाइक रेलिंग में टकरा गई। इससे बाइक चला रहा किशोर पुल के नीचे गिरा तो पीछे बैठा साथी पुल पर ही गिर गया। नीचे गिरे किशोर की मौत हो गई। किला थाना क्षेत्र के चंदन नगर निवासी छोटेलाल का 15 साल का बेटा पवन अपने साथी विकास के साथ शाम को घूमने निकला था। विकास की बाइक को पवन चला रहा था। दोनों पर ही हेलमेट नहीं थे। दोनों किशोर बाइक लेकर हार्टमैन पुल पर पहुंचे। विकास के मुताबिक पवन ने बाइक की रफ्तार काफी तेज कर रखी थी। अनियंत्रित बाइक पुल की रेलिंग से टकरा गई। इससे पवन उछलकर पुल के नीचे सड़क पर जा गिरा। वहीं विकास बाइक के साथ पुल पर ही गिर गया।

पुल के नीचे गिरते ही पवन के सिर से खून का फुव्वारा बहने लगा। कुछ ही देर में यहां भीड़ लग गई। राहगीर युवकों ने मौके की वीडियोग्राफी कर पवन को उठाया और उसे पास के निजी अस्पताल में ले गए। वहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। सूचना पर परिवार और बस्ती के लोग पहुंचे। प्रेमनगर थाना पुलिस ने मौके पर जांच की। कार्यवाहक थाना प्रभारी धर्मेंद्र यादव ने बताया कि शव का शुक्रवार को पोस्टमार्टम कराया जाएगा।

विकास का वीडियो वायरल
घटना में विकास को भी मामूली चोट आई। वह भागकर पुल के नीचे आया तो लोगों ने उसे घेर लिया। उसका वीडियो बनाया जो वायरल हो रहा है। इसमें विकास बता रहा है कि पवन उसकी बात नहीं सुन रहा था और बाइक की रफ्तार बढ़ाए जा रहा था। उसकी बाइक टूटने की उसे चिंता नहीं है, उसका साथी मर गया इसलिए वह परेशान है। कहा कि पवन ने आखिर में कोशिश की पर रफ्तार की वजह से वह हैंडल नहीं मोड़ सका और बाइक रेलिंग में टकरा गई।

परिजनों ने इमरजेंसी में किया हंगामा
निजी अस्पताल से पवन का शव रात में जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाने पहुंचे परिजनों व मोहल्ले के लोगों ने इमरजेंसी में हंगामा किया। डॉक्टरों ने उन्हें समझाकर बाहर निकाला। उनका कहना था कि शायद किसी वाहन ने बाइक में टक्कर मार दी जिसकी वजह से यह हादसा हुआ। उन्होंने पुल की दीवार कम ऊंची होने को भी मौत की वजह बताया।

पुल की रेलिंग कम, व्यू कटर भी नहीं
हार्टमैन पुल की रेलिंग काफी छोटी करीब तीन से चार फुट तक ही है। श्यामगंज व कुतुबखाना पुल की तरह इस पुल पर ऊपर जाली भी नहीं है। स्थानीय लोगों में चर्चा थी कि अगर ऐसा होता तो पवन टकराकर पीछे भी गिर सकता था और शायद विकास की तरह उसकी जान बच जाती। इस पुल पर व्यू कटर भी नहीं हैं जो तकनीकी तौर पर जरूरी होते हैं।

Jarees malik

Sarkar Ki Kahani
M: 9997411800, 9719616444

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Latest from Blog

बिजनौर में झोलाछाप डॉक्टरों की लापरवाही से मरीज की जान जाने पर भी खुले रहते हैं झोलाछापों के दरवाजें

स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर लगता है प्रश्न चिन्ह मुस्तकीम राजपूत (संवाददाता) बिजनौर में इन दिनों